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कठिन परीक्षा की है घड़ी

Posted On: 22 Feb, 2013 मेट्रो लाइफ में

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बोर्ड परीक्षाओं के करीब आते ही बदला घरों का माहौल। परीक्षा की तैयारी में जुटे बच्चों को माताएं दे रही है भरपूर सहयोग..

जूही लाल कॉलोनी की मनोरमा शुक्ला अब अपनी पसंद के देर रात वाले धारावाहिक नहीं देख रहीं। रतनलाल नगर की सरला मिश्रा आजकल देर रात तक पत्र-पत्रिकाएं पढ़ रही है। नेहरू नगर की दामिनी मुखर्जी के पूजा-पाठ का समय बढ़ गया है। जी हां, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में भले ही स्टूडेट्स जुटे हों, पर उनकी अच्छे अंक लाने की चाहत में घर वाले भी पीछे नहीं हैं। घरों का माहौल बदल गया है। मांएं बच्चों को पढ़ाई में अधिक समय तक व्यस्त रखने के लिए भरपूर सहयोग दे रही है। वे पढ़ते रहे, इसलिए उनके पढ़ने के दौरान खुद को न सिर्फ व्यस्त रखती है, बल्कि शादी-पार्टी में शामिल होने से भी परहेज कर रही है।

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टीवी बस डिनर पर

साकेत नगर की अंजली सिंह बताती है, ”घर में सभी के कमरों में टीवी लगे है, लेकिन 12 मार्च से बोर्ड परीक्षा होने की खबर मिलने के बाद से हमने सभी का टीवी देखना बंद करा दिया था। अब सिर्फ डिनर के टाइम ही टीवी चलाया जाता है। बेटा प्रखर इंटरमीडियट की परीक्षा की तैयारी कर रहा है। यह परीक्षा उसके कॅरियर का भविष्य तय करेगी, इसलिए मैं उसे इन दिनों पढ़ाई का पूरा माहौल दे रही हूं।”

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खुद भी पढ़ने लगी

शिवाजी नगर की नीता वर्मा बताती है, ”बेटी सुनिधि इस बार हाईस्कूल की परीक्षा देगी। स्कूल, कोचिंग इसके बाद रिवीजन। वो इतना थक जाती है कि शाम को जल्दी नींद आने लगती है। उसके साथ मैं भी पत्रिकाएं और नॉवेल लेकर पढ़ने के लिए बैठ जाती हूं, जिससे उसे नींद न आए और देर रात तक वह पढ़ती रहे। इन दिनों उसके घर आते ही सन्नाटा छा जाता है। उसका कमरा भी हमने अलग कर दिया है।”


बढ़ा दिया पूजा का समय

आर्य नगर की ईला शर्मा बताती है, ”हर रोज भक्ति और पूजा के नाम पर पंद्रह से बीस मिनट का समय लगता था, लेकिन इन दिनों मैं न सिर्फ सुबह जल्दी उठती हूं, बल्कि बेटी मोहिनी को भी पढ़ने के लिए जगा देती हूं। वह इंटरमीडियट परीक्षा की तैयारी में जुटी है। वह अपनी पढ़ाई करती है और मै रामायण का पाठ कर करती हूं। मेरे जल्दी जगने से उसे भी पढ़ने में मदद मिल रही है।”

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बेटे का खास ख्याल

विकास नगर की माला दीक्षित बताती है, ”बेटा सुकेश हाईस्कूल की परीक्षा देगा, इसलिए मैं उसे अधिक से अधिक सहयोग दे रही हूं। इन दिनों उससे सिर्फ पढ़ने के लिए कहती हूं। समय पर खाने और चाय का ख्याल रखती हूं। आखिर थोड़े ही दिनों की तो बात है। बोर्ड परीक्षा है, इसलिए यह बहुत कठिन परीक्षा की घड़ी चल रही है।”


नहीं जाती शादी-पार्टी में

देव नगर की नीलम गर्ग कहती है, ”बेटी तान्या पढ़ने में बहुत होशियार है, फिर भी चाहत है कि वह अच्छे अंक लाए। इन दिनों मैं भले ही पति की बात टाल जाऊं, लेकिन उसका विशेष ध्यान रखती हूं। पार्टी और शादी में जाने की जिम्मेदारी पति को दे रखी है। जब तक परीक्षाएं नहीं हो जातीं मुझे सिर्फ उसी की चिंता करनी है।”

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