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कितने फायदेमंद हैं हेल्दी फूड

Posted On: 20 Jan, 2013 मेट्रो लाइफ में

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स्वस्थ रहने के लिए अच्छा और पौष्टिक खाओ आए दिन यही सुनने को मिलता है। आखिर यह हेल्दी फूड है क्या? हेल्दी फूड को लेकर तमाम मिथ्स हैं। यह माना जाता है कि इनसे सेहत दुरुस्त रहेगी। लेकिन हेल्दी मानकर खाई जाने वाली ये चीजें सेहत के लिहाज से कितनी कारगर हैं आइए जानते हैं इनसे जुडे कुछ मिथ्स, बता रही हैं सीनियर डाइटीशियन आर्ची भाटिया।


स्किम्ड मिल्क

इसे पापुलर हुए अधिक समय नहीं हुआ है। कुछ सालों से लोगों ने फुलक्रीम दूध को बिलकुल न कह दिया है। लेकिन शोध के परिणाम कुछ और ही कहते हैं। शोध के मुताबिक स्किम्ड मिल्क के बजाय फुलक्रीम ज्यादा बेहतर है, क्योंकि फुलक्रीम मिल्क के प्रति 100 मिलीलीटर में मात्र 4 फीसदी फैट होता है, जबकि स्किम्ड मिल्क में 0.1 फीसदी। जबकि शरीर में विटमिंस को एब्जार्ब करने के लिए फैट भी जरूरी है। स्किम्ड मिल्क में न्यूट्रिशनल वैल्यू बहुत कम होती है। जबकि फुलक्रीम में सॉल्युबल फैट होता है। एक्सपर्ट की मानें तो फुलक्रीम दूध से मिलने वाला फैट, जिसमें विटमिन ए, डी व ई होते हैं, शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।


ब्रेकफस्ट सीरियल्स

ब्रेकफस्ट में सीरियल्स का इस्तेमाल अब आम हो गया है। लेकिन यह तभी फायदेमंद होते हैं जब यह अच्छे ब्रैंड के हों। अकसर हम यह नहीं देखते कि उसमें शुगर की कितनी मात्रा है। कई बार स्वाद बढाने के लिए इन्हें चॉकलेटी बनाया जाता है या इनमें ड्राई फू्रट्स मिले होते हैं। इस तरह आपको मिलती है कैलरी की अच्छी मात्रा। ऐसे में यह स्लिम होने के उददेश्य को कतई पूरा नहीं करते। इन्हें खरीदते समय पैक पर लगे लेबल को ध्यान से पढना जरूरी है। बेहतर होगा इनके बजाय बाजार में मिलने वाली दलिया और ब्रान फ्लेक्स को प्राथमिकता दें, जो काफी हेल्दी होते हैं और इनमें कैलरी भी कम होती है।


डाइट ड्रिंक्स

कैलरी कॉन्शियस लोगों में डाइट ड्रिंक्स काफी पापुलर हैं, लेकिन यह वजन कम करने की आपकी योजना को खारिज कर देते हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर से बेशक आपके टेस्ट बड तो यह सोचकर धोखा खा सकते हैं कि वे वाकई चीनी ले रहे हैं। दरअसल जब शरीर को जरूरी कैलरी नहीं मिलती तो भूख महसूस होती है और इस वजह से आप ज्यादा खाने लगते हैं। यही कारण है कि डाइट ड्रिंक्स के इस्तेमाल से लोगों का वजन बजाय कम होने के बढने लगता है।


ब्राउन ब्रेड

यूनिवर्सिटी ऑफ स्क्रैनटन में हुए एक शोध के मुताबिक ब्राउन ब्रेड कैरेमेल कलर के कारण भी हो सकती है। इसलिए वह व्हाइट ब्रेड के समान ही होगी। बेहतर होगा कि आप उसके पैकेट में लिखे लेबल पर ध्यान दें। अगर उसमें होल ग्रेन या 100 प्रतिशत होल व्हीट लिखा हो तो वह सेहत के लिहाज से सही होगी। इसका मतलब है कि ब्रेड अनरिफाइंड व्हीट (साबुत अनाज) से बनी है, जिसमें अधिक फाइबर, सेलेनियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम होंगे। सफेद ब्रेड और कैरेमलाइज ब्राउन ब्रेड सिर्फ पेट भरने और फैट बढाने में ही मदद करती हैं।


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